सिराथू,कौशाम्बी
आज दिनांक 12 दिसंबर को तहसील सिराथू के शमशाबाद क्षेत्र में आज जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक किसान मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक उर्वरकों के प्रयोग, मृदा स्वास्थ्य सुधार, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, बीज उपचार, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग तथा प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में S FA आशीष पटेल द्वारा नैनो यूरिया के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष स्टॉल किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। इस स्टॉल पर किसानों को नैनो यूरिया की उपयोग विधि, इसके लाभ—जैसे कम मात्रा में अधिक प्रभाव, लागत में कमी, और फसल की बढ़ी हुई उत्पादकता—के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों ने नैनो यूरिया के प्रायोगिक प्रदर्शन में विशेष रुचि दिखाई।

अन्य स्टॉलों पर जैविक उत्पाद, जैव उर्वरक, कीटनाशक विकल्प, मिट्टी परीक्षण सुविधाएँ और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक इनपुट कम करके जैविक एवं आधुनिक प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, उत्पादन लागत घटती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है।
मेले में आए किसानों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम खेती में नए प्रयोग करने तथा जैविक व उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम का संचालन स्थानीय कृषि अधिकारियों द्वारा किया गया और अंत में किसानों को सतत कृषि पद्धतियाँ अपनाने हेतु प्रेरित करते हुए मेले का सफलतापूर्वक समापन किया गया।
रिपोर्ट संदीप वर्मा
