उमेश पाल हत्याकांड: बुलडोजर चले तो आरोपियों संग पड़ोसियों के घर भी टूटे

प्रयागराज यूपी क्राइम रिपोर्ट कृष्ण जीत यादव 

प्रयागराज में राजरूपपुर सफदर अली के मकान ध्वस्तीकरण के दौरान मलबा पड़ोसी के घर में गिरने से उनकी बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो गई। एक रेलिंग टूट गई। तीन जेसीबी से मकान तोड़े जाने के दौरान कुछ नहीं हुआ। पोकलैंड से ध्वस्तीकरण शुरू होते ही ढहते भवन का मलबा पड़ोस के मकान पर गिरा। इससे वहां रहने वाला परिवार दहशत में आ गया। मलबा गिरने के बाद सबसे पहले एक बच्ची भागते हुए बाहर आई। इसके बाद परिवार की महिलाएं घर से निकलीं और संभलकर कार्रवाई करने का आग्रह किया।

इधर गिर रहा था आशियाना उधर खोज रहे थे नया ठिकाना

शस्त्र विक्रेता सफदर अली मूलत गाजीपुर के रहने वाले हैं। 1985 में वह वह गाजीपुर से प्रयागराज आए थे। यहां व्यवसाय शुरू करने के बाद सफदर ने 21 साल पहले शिक्षा बोर्ड के एक कर्मचारी से यह मकान खरीदा था। मकान गिरता देख सफदर ने कहा कि कभी सोचा भी न था कि आशियाना एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा।

सफदर स्वीकार करते हैं कि मकान खरीदते समय उन्होंने इसके नक्शे पर ध्यान नहीं दिया। पीडीए के जोनल अधिकारी ने दावे के साथ कहा कि दो साल पह मकान मालिक को नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब नहीं मिला। सफदर कहते हैं कि पीडीए का नोटिस कब आया नहीं पता, परिवार के किसी सदस्य को भी इसकी जानकारी नहीं है। नोटिस की जानकारी होती तो पीडीए जाते और नक्शे के लिए आवेदन करते।

बकौल सफदर, सुबह पीडीए के प्रतिनिधि आए और मकान खाली करने का अल्टीमेटम देकर चले गए। कहते हैं कि मकान खाली करने का अल्टीमेटम मिलने के बाद पता चला कि उनका रिश्ता अतीक अहमद से जोड़ा जा रहा है। अब सफदर का परिवार किराए के मकान में रहेगा। एक तरफ मकान पर बुलडोजर चल रहा था और दूसरी ओर सफदर और उनके बेटे फोन पर किराए का मकान खोज रहे थे।

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