झांसी मे सम्मानित हुए कौशाम्बी के कवि सुजीत
ब्यूरो रिपोर्ट मनीष द्विवेदी कौशांबी
22 राज्यों से आए हुए कलचुरी वंशजों के सम्मुख कवि सुजीत का काव्य पाठ हुआ।
कौशाम्बी जनपद के नगर पंचायत सराय अकिल के राष्ट्रीय युवा कवि सुजीत जायसवाल ‘जीत’ को काव्य पाठ करने पर झाँसी के दीनदयाल सभागार मे “भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा” के भव्य कार्यक्रम मे अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, उपहार प्रदान कर मंच पर सम्मानित किया गया। भारत के 16 प्रदेशों मे एवं दूरदर्शन व अन्य टेलीविजन चैनल मे काव्य पाठ व मंच संचालन का रिकॉर्ड कवि सुजीत ने बहुत ही कम समय मे बनाया है।
अभी हाल ही मे विदेशी भूमि बैंकॉक (थाईलैंड) मे काव्य पाठ कर कवि सुजीत ने भारत एवं कौशाम्बी जनपद का गौरव मे वृद्धि करने का सराहनीय कार्य किया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय के नेतृत्व आयोजित दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम मे कलचुरी समाज के 22 प्रदेशों से लोग कार्यक्रम मे शामिल हुए एवं कवि सुजीत के काव्य पाठ का आनंद लेकर तालियां बजाते रहे।
कवि सुजीत ने काव्य पाठ का प्रारम्भ अपने परिचय की इन काव्य पंक्तियों से किया।
श्री सहस्रबाहु का वंशज मै राष्ट्र के प्रति है प्रीत
चाह दिलों को जीतने का सब कहते मुझे सुजीत
नित नूतन काव्य प्रवाह करूँ यही दें मुझको आशीष
अनमोल सा है जीवन मेरा कहीं व्यर्थ न जाए बीत
कवि सुजीत के राष्ट्र प्रेम, समाज प्रेम एवं सनातनी कविता सुन सभी सुधी श्रोताओं ने कवि सुजीत के उज्जवल भविष्य की कामना कर शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
इस कार्यक्रम मे राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा रानी के संग महिला पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या मे हिस्सा लिया।