मध्य प्रदेश
लोकेशन पिपलिया रसोड़ा
दिनांक 20 10 2026
राजगढ़ जिला ब्यूरो चीफ नरेंद्र राजपूत
पिपलिया रसोड़ा के शासकीय हाई स्कूल में लापरवाही का मामला! पानी की टंकी में मिले मृत जीव और कीड़ों का ढेर, बच्चों की सेहत से खिलवाड़ पर ग्रामीणों एवं पालक महासंघ में आक्रोश
पिपलिया रसोड़ा। शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के दावों के बीच पिपलिया रसोड़ा के शासकीय हाई स्कूल से चिंताजनक मामला सामने आया है। स्कूल की पानी की टंकी में मृत जीव और कीड़ों का ढेर मिलने की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों एवं पालक महासंघ ने नाराजगी जताई है। इस घटना ने स्कूल में स्वच्छता व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शासकीय हाई स्कूल पिपलिया रसोड़ा की पानी की टंकी में मृत जीव एवं बड़ी संख्या में कीड़े पाए जाने की बात सामने आई है। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। यदि ऐसी स्थिति में टंकी का पानी विद्यार्थियों के उपयोग में लिया जा रहा था, तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
बच्चों की सेहत को लेकर ग्रामीणों में चिंता
मामले को लेकर ग्रामीणों एवं पालक महासंघ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्कूल में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना जिम्मेदारों की प्राथमिकता होनी चाहिए। पानी की टंकी की नियमित सफाई और समय-समय पर निरीक्षण किया जाना भी जरूरी है, ताकि इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग
इस मामले ने स्कूल की व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों एवं पालक महासंघ की नाराजगी के बीच अब यह जरूरी है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लें और पानी की टंकी की स्थिति की जांच कराएं। साथ ही, टंकी की तत्काल सफाई, पेयजल की गुणवत्ता की जांच और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा यह मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।