मैहर विधायक ने हरी झंडी दिखाकर
श्रीराम-तुलसी संगम महोत्सव के लिए यात्रा को किया रवाना
ब्यूरो रिपोर्ट रवि चौरसिया
चित्रकूट धाम में 18 से 24 नवंबर तक होगा सात दिवसीय श्रीराम-तुलसी संगम महोत्सव, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से होगा नदियों और संस्कृति के संरक्षण का संदेश
मैहर। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और नदियों के संगम क्षेत्र को आधिकारिक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले श्रीराम-तुलसी संगम उद्धार महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मैहर विधायक द्वारा हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया गया। इस अवसर पर धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
आयोजन के आमंत्रण पत्र के अनुसार, सात दिवसीय श्रीराम-तुलसी संगम महोत्सव का आयोजन 18 नवंबर से 24 नवंबर 2026 तक पावन संगम तट, मोहना घाट, भदैया, कनकोटा, राजापुर, चित्रकूट धाम में प्रस्तावित है। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य मंदाकिनी एवं यमुना नदी के पावन संगम क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विशेष पहचान दिलाना है।
सात दिनों तक होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
महोत्सव के अंतर्गत 18 नवंबर को भव्य कलश यात्रा एवं जल पूजन, 19 नवंबर को संत सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी तथा 20 नवंबर को नदी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संकल्प का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी प्रकार 21 नवंबर को श्री यमुना तीर रामायण पाठ एवं जनजागरण, 22 नवंबर को पर्यटन स्थल संरक्षण एवं जनहस्ताक्षर अभियान, 23 नवंबर को भव्य 5100 दीपदान एवं महाआरती और 24 नवंबर को पूर्णाहुति महायज्ञ एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को एकजुट करना, नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा चित्रकूट क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से महोत्सव में सहभागिता करने की अपील की है। आयोजकों का मानना है कि जनसहयोग से नदियों के संरक्षण, धार्मिक परंपराओं के संवर्धन और क्षेत्र के पर्यटन विकास की दिशा में सकारात्मक पहल की जा सकती है।
महोत्सव के आयोजक कामद भे गिरि राम प्रसाद एवं अवलोकित अपहृत विषाद के नाम आमंत्रण पत्र में अंकित हैं