मैहर मध्य प्रदेश
ब्यूरो रिपोर्ट रवि चौरसिया
मैहर जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौपड़ा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के ग्राम बम्हनी एवं कोठी के ग्रामीणों को पिछले सात महीनों से सरकारी राशन नहीं मिला है। इस अव्यवस्था और कोटा प्रबंधक की मनमानी से आक्रोशित ग्रामीणों ने आदिवासी समाजसेवी एडवोकेट कमल सिंह मरकाम के नेतृत्व में गुरुवार को एसडीएम दिव्य पटेल को ज्ञापन सौंपा। कोटा प्रबंधक पर लापरवाही के आरोप , ग्रामीणों का कहना है कि वे राशन के लिए पिछले कई महीनों से भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। आदिवासी समाजसेवी कमल सिंह मरकाम ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुँच रहा है। कोटा प्रबंधक द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं के कारण गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों और एडवोकेट मरकाम ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर राशन वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया और दोषी प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में हमारी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तो हम सभी ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एस डी एम ने तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
