रिपोर्ट अशोक कुमार
-वकीलों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
खागा फतेहपुर। भारत क्या खाक विश्व गुरु बनेगा जब अपने ही देश में भारतवंशियों को मंद बुद्धि और तर्कपूर्ण निर्णय लेने में अयोग्य बताने वाली किताब से ज्ञान परोसा जा रहा है । इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि भारत एक तरफ़ विश्वगुरु बनने की तरफ अग्रसर है तो दूसरी तरफ़ देशवासियों के अपमान से जुड़ा लेख लिखने वालो में होड़ सी लगी हुई है। ऐसा प्रतीत होता है देश के लेखक विदेशी ताक़तो के हाथ की कठपुतली बनकर काम कर रहे है।
वैसे तो दुनिया के लगभग सभी विकसित देशों में भारतीयों ने अपना सिक्का जमा रखा है और उन देशों की विकसित टेक्नोलॉजी का भारतवंशी अहम् हिस्सा भी हैं। इसके बावजूद भारत के ही अंदर सबसे बड़े सूबे के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा भारतीयों को मंदबुद्धि बताने वाला लेख पढ़ाना घोर आपत्तिजनक व भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
मामला बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बी एड प्रथम वर्ष की पढ़ाई में भारत विरोधी लेख पढ़ाने से जुड़ा है जिसका विरोध करते हुए खागा के वकीलों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी अभिनीत कुमार को सौपा।
वकीलों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया की 2 जून 2026 को अमर उजाला दैनिक अखबार के प्रष्ठ 7 में छपे हुए लेख के अनुसार भारतीय हमेशा निर्णय लेने अयोग्य साबित हुए हैं। वही पुस्तक में कहा गया है कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य विकास का उद्देश्य निर्धारित करना आवश्यक है क्योंकि भारतीयों की मानसिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। जिसके विरोध स्वरूप खागा के अधिवक्ताओं के साथ बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। वकीलों ने राज्यपाल को संबोधित जो ज्ञापन उपजिलाधिकारी खागा को सौंपा उसमे मांग की गई है कि पुस्तक के देश विरोधी लेख लेखक व प्रकासक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए और पाठ्य पुस्तक को पढ़ाने वाले विश्वविद्यालय के दोषी पर विभागीय कार्यवाही किया जाए। इसी के साथ ही ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया कि विश्वविद्यालय के पाठ्य पुस्तक में शामिल करने वाले दोषी व्यक्तियों पर 10 करोड़ का हर्जाना भी वसूल किया जाए और वह पैसा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में वितरित किया जाए।
इस मौके पर रामसखा द्विवेदी, इसराइल फारुकी, यूसुफ़ सिद्दीकी, शहज़ादुल हसन, अखिलेश यादव, अनूप कौशल, योगेश त्रिपाठी , दुर्गेश अवस्थी, नीतू जयसवाल, राजेश द्विवेदी, श्याम कुमार गुप्ता, अंशुमान शुक्ला, अरविंद पांडेय, अनूप कौशल, कृष्णा तिवारी, अभिषेक, ब्रजेश शुक्ला, गुड्डू मिश्रा, हेमराज शर्मा, शिव सिंह पप्पू, आशीष लोधी उर्फ सारंग, रजोल यादव, दीपक तिवारी, आदि लोग मौजूद रहे।
सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण व अन्य जागरूक लोग उपस्थित रहे।
