ब्यूरो रिपोर्ट रवि चौरसिया
वार्ड क्रमांक 21 में घर में घुसा नाले का गंदा पानी, बीमारियों का बढ़ा खतरा
मैहर में हुई पहली बारिश ने ही नगर पालिका की मानसून तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। वार्ड क्रमांक 21 में स्थित अशोक कुमार सोनी के घर में नाले का गंदा पानी घुस जाने से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार सतना रोड स्थित बाबा तालाब के सामने रहने वाले अशोक कुमार सोनी के मकान में बारिश के दौरान नाले का दूषित पानी प्रवेश कर गया। देखते ही देखते घर के आंगन और कमरों में गंदा पानी भरने लगा, जिससे घरेलू सामान प्रभावित हुआ और परिवार के सदस्यों को पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। नगर पालिका द्वारा मानसून पूर्व नालों की सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं के दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही बारिश में इन दावों की पोल खुलती दिखाई दी।
क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि नाले का गंदा पानी घरों में भरने से केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो जाते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, डायरिया, त्वचा रोग एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां अधिक जोखिमपूर्ण साबित हो सकती हैं।
निवासियों ने मांग की है कि नगर पालिका तत्काल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करे तथा नालों की सफाई और आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए, ताकि आगामी बारिश में लोगों को ऐसी समस्याओं और संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।
पहली ही बरसात में घरों तक पहुंचे नाले के गंदे पानी ने नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं।
